मानवता की सेवा: 5 साल का बेमिसाल सफ़र... अब एक स्थाई ठिकाने की ज़रूरत!
"खुलूस-ए-दिल से जो खिदमत करेगा खल्क़-ए-ख़ुदा की
वही पाएगा इज़्ज़त, सरफ़राज़ी और कामरानी
अपने लिए तो सब ही जीते हैं इस जहाँ में
है ज़िंदगी का मक़सद औरों के काम आना"
अलहम्दुलिल्लाह! पिछले 5 वर्षों से हमारा ट्रस्ट बिना किसी अपनी ज़मीन के, अस्थायी (temporary) जगहों से इंसानियत की सेवा के बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे कर रहा है। अब अल्लाह के करम से अपनी ज़मीन खरीदने का मरहला (चरण) तय पा गया है।
हमारा सफ़र: सेवा के पाँच साल
आपके सहयोग से अब तक हम इन मंज़िलों को पार कर चुके हैं:
निर्माण कार्य: मस्जिदों में हैंडपंप लगवाना और छतों की ढलाई में भरपूर सहयोग।
मौसमी सहायता: सर्दियों में जैकेट, कंबल और जूतों का वितरण।
रमज़ान और ईद: ज़रूरतमंदों में सहरी, इफ़्तारी और ईदी के गिफ़्ट पैकेट्स बांटना।
शिक्षा और प्रशिक्षण: बच्चों के लिए "नमाज़ मुक़ाबला" जैसे सुधारक कार्यक्रमों का आयोजन।
चिकित्सा और सामाजिक मदद: गरीब मरीज़ों के इलाज का खर्च और ज़रूरतमंद बच्चियों की शादी में आर्थिक सहायता।
अब समय है एक स्थाई केंद्र (Permanent Center) का!
अस्थायी जगहों से काम करने में बहुत सी कठिनाइयाँ आती थीं। अब अपनी ज़मीन खरीदने के बाद हम एक ऐसा केंद्र स्थापित करना चाहते हैं जहाँ से ये सभी कार्य और भी व्यवस्थित तरीके से जारी रह सकें।
हमारी अपील:
हम तमाम दानदाताओं (Donors) और नेक दिल रखने वाले दोस्तों से अपील करते हैं कि वे मानवता की सेवा के इस मिशन में हमारा साथ दें।
आइए! मिलकर एक ऐसा समाज बनाएँ जहाँ कोई बेघर न रहे और कोई इलाज से वंचित न हो। आपका एक फैसला आने वाली नस्लों का भविष्य संवार सकता है। आपका एक छोटा सा सहयोग किसी की ज़िंदगी बदल सकता है और आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया (कभी न खत्म होने वाला पुण्य) बन सकता है।